राजनीति

1. मौकापरस्ती, धोखा और बेशर्मी जैसे शब्द भी राजीव शुक्ला से शर्मा जाएंगे

2. संसद में आग लगाने वाले राहत इंदौरी के शेर पर सांसद मौन क्यों?


3. मायावती, मीडिया और नोएडा का अपशकुन



4.  लोकपाल और अन्‍ना की बहस में नानाजी देशमुख जैसे फकीरों का असली चेहरा भी देखें


5. अब चुनाव निशान भर नहीं, हाथी हथियार है मायावती के लिए


6. तो क्या प्रणव मुखर्जी या कोई और सही विश्वनाथ प्रताप सिंह को दुहरा सकता है?


7. कभी मायावती, कभी अखिलेश हूं /अभी न सुधरुंगा, उत्तर प्रदेश हूं!


8. का हो अखिलेश, कुछ बदली उत्तर प्रदेश !


8. प्रणव मुखर्जी के निष्पक्ष नहीं, बोनलेस राष्ट्रपति बनने के पूरे आसार


9. ऊपर-ऊपर लाल मछलियाँ, नीचे ग्राह बसे ! यह डिंपल यादव का निर्विरोध निर्वाचन तो लोकतंत्र का मर जाना ही है


10. मुलायम का चरखा, ममता की हेकड़ी और समय की दीवार पर प्रणब मुखर्जी का नाम


11. कोई बलात्कारी नहीं हैं नारायणदत्त तिवारी, साझी धरोहर हैं हमारी

12. तो क्या सामाजिक न्याय की आंच में सहिष्णुता स्वाहा हो गई है?

13. जैविक पिता और लांछित पिता की त्रासदी

14. एक जनांदोलन के गर्भपात की त्रासदी

15. चाचाओं के चक्रव्यूह में अखिलेश और फिर चोरों के चक्रव्यूह में उत्तर प्रदेश

16. बेनी की बेलगाम बयानबाज़ी के मायने और बहाने

17. धृतराष्ट्र, मगध और अन्ना

18. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रासंगिकता का प्रताप


19. तो क्या राजीव शुक्ला आंख में धूल झोंकने में फिर कामयाब हो जाएंगे?


20. तो इतिहास आप को कूड़ेदान में भी जगह देने को तैयार नहीं होगा मुलायम सिंह यादव !

21.कर्ण, केजरीवाल और कार्पोरेट की अकथ कहानी

22.गरज यह कि लड़ाई बहुत लंबी है, देश का आम चुनाव दिल्ली का हलवा पूरी नहीं है

23. चंद्रशेखर की याद और राजनीति, सिनेमा और अभिनय की यह काकटेल !
24.जय हो टेलीविजन राजनीति की ! संविधान आदि की ऐसी-तैसी !
25. यह देश अब अरविद जैसे महत्वाकांक्षी और अतिवादी राजनीतिज्ञ को बर्दाशत करने के लिए तैयार हो जाए
26.खुदा बचाए इन अदाओं और इन बलाओं से ! 
27.मोदी अब एक नई दहशत हैं हिंदुस्तान ही नहीं, पाकिस्तान के लिए भी
28. मोदी ने परित्यकता बनाया, लोगों ने द्रौपदी !
29.अब नई बहस यह है कि मोदी सरकार भाजपा के बहुमत वाली होगी कि एन डी ए के बहुमत वाली  
30. सामाजिक न्याय के नाम पर जातिवादी राजनीति की यह जहरीली फ़सल
 31.अब उत्तर प्रदेश में जातियों का वोट बुनने लगे नरेंद्र मोदी भी 
32. अरविंद केजरीवाल को हिंदू बहुल इलाकों का डर, दूसरी तरफ मुसलमानों को नरेंद्र मोदी का डर दिखाना 
33.  तो क्या अखिलेश यादव मुख्य मंत्री नहीं घोड़ा हैं कि जो मजबूत सवार चाहे सवारी गांठ ले?
34. तो क्या क्रांतियां हमेशा लूट ली जाती हैं? 
35.  अखिलेश सरकार हाराकिरी की राह पर अग्रसर
36. जनता की आंख में धूल झोंकने वाली यह सरकारें सिरे से जनता की दुश्मन हैं !
37.  जातीय राजनीति के विष ने दलितों का जितना नुकसान किया है, किसी और का नहीं
3८ . सिर्फ़ फेंकू कला से ही मुमकिन नहीं हुआ है नरेंद मोदी के महाविजय का एक साल
39.  नाग पंचमी , मुलायम और नारायण दत्त तिवारी 
40.  क्यों कि वह तो भुजंग हैं , पर यह चंदन नहीं हैं
41.  क्या ऐसे ही होते हैं आज के प्रधान सेवक , नौकर और अकबर ?
42.  नरेंद्र मोदी से डरे हुए लोग और लालू की अश्लील जीत 
43. मुकदमा ही वापस लो मिस्टर सुब्रमण्यम स्वामी ! 
44.  तो स्मृति ईरानी आप ने ग़लत बयाना ले लिया है 
45.  ई वित्त मंत्री ससुरे सब इतने बड़े चोर क्यों होते हैं ?
46.  कन्हैया कुमार की तरह नरेंद्र मोदी पर ऐसा बड़ा हमला अभी तक कोई भी नहीं कर पाया था 
47. पठानकोट पर गुमनाम पाकिस्तानी वेबसाइट की फर्जी ख़बर को हथियार बनाया सेक्यूलर चैम्पियंस 
48. नरेंद्र मोदी , वामपंथी और आंबेडकर का कंट्रास्ट भरा कोलाज !
49.  कांशीराम ने तब नरेंद्र मोहन की बेटी मांगी थी , अब इन को दयाशंकर सिंह की बेटी बहन दोनों चाहिए
50. इतना मजबूर , इतना बेबस , लाचार और लचर मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश ने पहले कभी नहीं देखा
51.  चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के चुनाव परिणामों को रद्द कर दिया 
52.  यह तो सही है कि आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में दंगे नहीं होने देंगे
53.यह सादगी और ईमानदारी भरी परंपरा काश कि सभी राजनीतिज्ञ अपनाते