Wednesday, 20 May 2026

हुए हैं मानहानि के मुकदमे भी

दयानंद पांडेय 

हुए हैं मानहानि के मुकदमे भी l मुक़दमा करने वाले लोग भुगत कर गए l फिर लौटे नहीं l नोटिस भी बहुत मिलती हैं l पाँच करोड़ से कम की मानहानि की कोई धमकी नहीं देता l ऐसी फ़ालतू नोटिस का जवाब भी नहीं देता l आप के पास प्रमाण है , बात में दम है तो कोई पंगा नहीं लेता अमूमन l

एक ख़बर को ले कर उत्तर प्रदेश विधान परिषद् में मेरे खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव भी पेश हुआ। फिर अपने ही कर्मों से ध्वनि मत से गिर भी गया।

हाई कोर्ट में कंटेम्प्ट ऑफ़ कोर्ट भी हो चुका है अपने-अपने युद्ध उपन्यास के बाबत l मुक़दमा लंबा चला l लेकिन चीफ़ जस्टिस भी जेल भेजने से कतरा गए l क्यों कि फिर जजों की पोल पट्टी और ज़्यादा खुलती l इसी तरह अगर आप सिर्फ़ सच लिखेंगे , प्रमाण होंगे तो किस की हैसियत है मानहानि का मुक़दमा करने की l करेगा तो भुगतेगा l जो अध्याय नहीं खुला है , वह भी खुलेगा l होशियार लोग इसी लिए चुप रहते हैं l बात ख़त्म हो जाती है l फिर पढ़ता कौन है अब , यह बात भी है l

हाँ, इसी पोस्ट पर आए कुछ कमेंट देख लीजिए यादव ब्रिगेड और सपाई किस तरह गाली गलौज पर उतर आए हैं l

तो यह सब होता रहता है l सच लिखने की क़ीमत चुकानी तो होती है l जब रिपोर्टर था तब ज़्यादा धमकी मिलती थी l हत्या से ले कर बच्चों के अपहरण तक की l इस लिए जैसे भी हो बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने ख़ुद जाता था l लीगल नोटिस की तो तब भी भरमार थी l

इस सब से दुख तो लेकिन होता है l प्रशंसा सभी को अच्छी लगती है पर गाली किसी को अच्छी नहीं लगती l

मुझे भी नहीं लगती l

( अपनी ही एक पोस्ट पर आए एक कमेंट पर मेरा यह जवाब l )

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