Saturday, 23 May 2026

मेलोनी से आगे क़िस्सों की दुनिया और भी है

दयानंद पांडेय


अभी इस भरी गर्मी में मोदी और मेलोनी की चर्चा , कुचर्चा में लोग व्यस्त हैं l बुरी तरह l लोग भूल गए हैं कि कभी राजीव गांधी और बेनज़ीर भुट्टो पर भी कहानियां चलीं l तब के समय सोशल मीडिया नहीं था l राजीव गांधी के भारतीय किस्से भी बहुत थे l पर किस्से थे कि थमते नहीं थे l इतना ही नहीं , इंदिरा गांधी को ले कर भी अनेक किस्से चले l ब्रेजनेव, रीगन , फ़िदेल कास्त्रो आदि के साथ इंदिरा गांधी की भी चर्चा और कुचर्चा हुई l दिल्ली के मोहन सिंह प्लेस काफ़ी हाऊस के बाथरूम में किसी ने इंदिरा गांधी और ब्रेजनेव के कई पॉकेट स्केच कोयले से बना रखे थे l लोग आनंद लेते थे l कुछ नाराज भी रहते थे l यह अस्सी का दशक था l इंदिरा गांधी के भारतीय क़िस्सों का तो पूछिए मत l संजय गांधी इन सब में सब से आगे l इन किस्सों में हकीकत भी है l क्यों कि बिना आग के धुआँ नहीं होता l

भारत क़िस्सों का देश है l

ऐसे तमाम पौराणिक और ऐतिहासिक किस्से आज भी हवा में तैरते और सांस लेते हैं l भारतीय राजनीति में तो सरोजनी नायडू , तारकेश्वरी सिन्हा तक से जुड़े अनेक किस्से हैं l गांधी, नेहरू , फिरोज गांधी , लोहिया, मोरारजी देसाई , अटल बिहारी वाजपेयी , चंद्रशेखर, नरसिंहा राव , जार्ज फ़र्नांडीज़, नारायण दत्त तिवारी, एन टी रामाराव, रामचंद्रन, जय ललिता, ममता बनर्जी, सोनिया गांधी , कल्याण सिंह , मुलायम, लालू , कांशीराम, नीतीश, मायावती, उमा भारती, राहुल गांधी , अखिलेश यादव , तेज प्रताप, तेजस्वी आदि के अनेक किस्से भी कहे सुने जाते हैं l बहुत कम लाल बहादुर शास्त्री , दीनदयाल उपाध्याय , नाना जी देशमुख या योगी आदित्यनाथ होते हैं जिन के ऐसे किस्से नहीं होते l टैगोर, सुभाषचंद्र बोस तक के किस्से हैं l अन्य अनेक भी l हर हलके में l वह कहते हैं न :

हम हुए तुम हुए कि मीर हुए
सब इसी ज़ुल्फ़ के असीर हुए l

लंबी फ़ेहरिस्त है l

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