Wednesday, 20 May 2026

लोकतंत्र में आप की आस्था ख़त्म हो गई है

दयानंद पांडेय 


लोकतंत्र में आप की आस्था ख़त्म हो गई है l सिर्फ़ अपनी पसंद और सुविधा ही में आप की आस्था शेष रह गई है l बाई द वे जो आप कह रहे हैं तो इस हिसाब से तमिलनाडु और केरल में भी भाजपा की सरकार होनी चाहिए थी l ममता और वाम दलों की हिंसा आप को कितनी तो प्यारी है l


फिर पश्चिम बंगाल में कांग्रेस इतने सालों से कहां और क्यों गुम है ? किस भाजपा और किस चुनाव आयोग ने खा लिया ?
—————
इतनी बौखलाहट गुड बात नहीं l कि आप को तू तड़ाक पर आना पड़ा गया l

कितनी हत्या और हिंसा हुई ? कुछ आन रिकार्ड भी है कि बस बयान बहादुरी ही है l

ममता का यह कहना इस्तीफ़ा नहीं दूंगी l यह हज़म हो गया है ? कि संविधान की किताब गुम हो गई है ?

————-

क्या बात करते हैं ?

कब अजेय कांग्रेस से लड़े ? इंदिरा और राजीव के बाद कांग्रेस ख़ुद बैसाखी पर टिकी रही l अजेय कब रही ?

लड़े थे कभी लोहिया कांग्रेस से l ग़ैर कांग्रेसवाद का नारा दिया था l पर अपने को लोहियावादी बताने वाले मुलायम कभी नहीं लड़े कांग्रेस से l और आप मुलायम के साथ थे l मुलायम पहली बार मुख्य मंत्री बने तो भाजपा के समर्थन से l

भाजपा ने मुलायम सरकार से समर्थन वापस लिया तो तुरंत कांग्रेस से समर्थन ले लिया l तय मानिए कि राजीव गांधी की कांग्रेस ने अगर तब मुलायम को समर्थन नहीं दिया होता तो कांग्रेस उत्तर प्रदेश से इस तरह कभी साफ़ नहीं हुई होती l भ्रष्ट और जातिवादी मुलायम ने सिर्फ़ लोगों का इस्तेमाल किया सत्ता के लिए l आप का भी l भाजपा और कांग्रेस का भी l

अमरीका से समझौते के विरोध में वाम दलों ने जब मनमोहन सरकार से समर्थन वापस लिया तो मुलायम ने कांग्रेस को तुरंत समर्थन दे कर एक साथ दो काम किया l एक मनमोहन सरकार को बचा लिया l दूसरे , अपने को जेल जाने से बचा लिया l जब तक मनमोहन सरकार रही , मुलायम घुटने टेके रहे , मनमोहन सरकार के आगे l और आप मुलायम के साथ थे l

मनमोहन सरकार विदा होते ही भाजपा की मोदी सरकार आई l खरबपति मुलायम ने जेल जाने से बचने के लिए मोदी के आगे घुटने टेक दिए l आप तब भी मुलायम के साथ थे l

आप ही बता दीजिए कि कब किस अजेय से लड़े ?

( पहले सपा में रहे और अब कांग्रेसी हुए एक समाजवादी मित्र की पोस्ट पर मेरा यह कमेंट l )

No comments:

Post a Comment