गुरु पूर्णिमा पर मराठी में
एक नायिका की कहानी विपश्यनेमधील प्रेम का उपहार
आज की सुबह , इतनी सुंदर होगी , कल नहीं जानता था। लेकिन प्रिया जलतारे जी के एक संदेश ने आज की सुबह सुंदर बना दिया। दिन बना दिया। प्रिया जलतारे जी का संदेश हालां कि कल रात ही आ गया था। जो उन्हों ने गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में उपहार स्वरूप भेजा था। देखा हम ने आज सुबह। हर्ष की बात है कि विपश्यना में प्रेम उपन्यास का मराठी अनुवाद पूरा हो गया है। प्रिया जलतारे जी ने मेरी कई सारी कविताओं , ग़ज़लों और अनेक कहानियों का मराठी में अनुवाद किया है। सभी रचनाओं के अनुवाद ने ख़ुशी दी है। पर विपश्यना में प्रेम के मराठी अनुवाद ने अपार ख़ुशी दी है। आप आदरणीय मित्रों के साथ इस ख़ुशी को साझा कर रहा हूं।
जुलाई , 2023 में जब विपश्यना में प्रेम छप कर आया प्रिया जलतारे जी ने तभी इस का अनुवाद कार्य शुरू कर दिया। लेकिन तभी 27 अक्टूबर , 2023 को उन की सासु जी का बाइपास हो गया। काम रुक गया। सासु जी की सेवा सुश्रुषा से छुट्टी मिली तो दिसंबर , 2023 में उन के पतिदेव का स्वास्थ्य भी गड़बड़ हुआ। लगा कि उन का भी बाईपास होगा l लेकिन नहीं हुआ l और भी समस्याएं आती रहीं। पारिवारिक समस्याएं आती रहीं। जाती रहीं। विपश्यना में प्रेम का अनुवाद स्थगित होता रहा। लेकिन तमाम मुश्किलों के प्रिया जी ने हार नहीं मानी। अंतत : अनुवाद पूरा किया। और गुरु पूर्णिमा की रात मुझे यह संदेश भेजा। संदेश के साथ ही विपश्यना में प्रेम का मराठी अनुवाद भी। विपश्यनेमधील प्रेम। विपश्यना में प्रेम की कथा का नया स्वर और नया प्रतिमान भी स्थापित कर दिया है। बता दिया कि यह नायक नहीं , नायिका की कहानी है। सावन पहले दिन की बरसात की तरह प्रिया जी का आत्मीय संदेश भी आप आदरणीय मित्रों के साथ साझा कर रहा हूं :
आदरणीय सर,
नमस्ते 🙏
पारिवारिक जिम्मदारियों के कारण, ‘विपश्यना में प्रेम ‘ इस उपन्यास का अनुवाद कार्य विलंब से हुआ ।
कहने को तो नायक प्रधान कहानी है । मेरे लिए ये कहानी नायिका की है ।
दारिया,माँ बनने के लिए परेशान थी । हर एक इलाज करने को तैयार है । विपश्यना के बीच भी उसका मन ध्यान में नहीं है । बहुत सारा रिस्क उठाकर उसे माँ बनने का सौभाग्य मिला। अपनी देह से अपना अंकुर , नवनिर्मिति के लिए व्याकुल दारिया, आख़िर में यशस्वी हुई । एक माँ की कहानी !
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर, ‘विपश्यना में प्रेम’ इस उपन्यास का मराठी अनुवाद आपको भेज रही हूँ ।
—-प्रिया जलतारे
30 july 2026

