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Sunday, 31 December 2023

जैसे कैकेयी राम का पुन: वनवास मांग रही हो !

दयानंद पांडेय 

मस्जिदों और मजारों पर जाना शुरु कीजिए। क्यों कि आप की राय में वह अतिक्रमण कर के नहीं बनाए गए हैं। नाम भले अल्ला है , आख़िर वहां भी तो ईश्वर का ही वास है।


*

अयोध्या में राम की जगह गिद्ध देखना , तो अमृत वर्षा करना है l है , न ? कौन विद्वान किस तरह सिद्ध करेगा , यह गिद्ध अयोध्या भूमि पर ही उपस्थित हैं ? विष वमन करने वाले लोग , एकतरफ़ा बात करने वाले लोग , बहुत ऊंचा , बहुत ज़ोर से बोलते हैं l गिद्ध देखने वाले इन गिद्धों को मेरी बात कैसे सुहा सकती है भला , यह तो हम भी जानते हैं l और यह सो काल्ड ज्योतिषी तो घोषित पिट्ठू है , कांग्रेस का l अभी बीते विधान सभा चुनावों में हर जगह कांग्रेस की सरकार बनवाने की घोषणा , अपनी वाल पर किए बैठा है। 


*

कहते हैं , नया मुल्ला , प्याज़ ज़्यादा खाने लगता है l जाइए कभी लखनऊ के चारबाग़ में बड़ी लाइन वाले स्टेशन पर l बीच रेल लाइन खम्मन पीर बाबा की मज़ार पर मत्था टेकिए l मैं तो टेक आया हूं कई बार l राणा प्रताप मार्ग पर दैनिक जागरण के सामने मज़ार पर चादर चढ़ाता रहता हूं l सड़क संकरी हो गई है तो क्या ? गोमती नगर , मिठाई वाले चौराहे से गुज़रते हुए फ़्लाई ओवर , के नीचे भी मज़ार के नीचे की मजार को सिर झुकाता हुआ निकलता हूं l अजमेर शरीफ़ में भी चादर चढ़ा आया हूं l दिल्ली में निज़ामुद्दीन औलिया की मज़ार पर भी चादर चढ़ा कर सिर झुका आया हूं l दिल्ली में ही कई जगह नए-नए फ़्लाई ओवर पर मज़ार देख आया हूं l कोयंबतूर में तो फ़्लाई ओवर का चौराहा और उस पर मज़ार देखा है। 


आप ने नहीं देखा होगा , मैं ने अयोध्या में राम परिवार के परिसर में ही बाबरी ढांचा देखा है l सीता रसोई , कनक भवन के बीच बाबरी ढांचा ? यह अतिक्रमण नहीं , श्रद्धा थी ? वह तो विराजमान राम लला , सुप्रीम कोर्ट से मुक़दमा जीत कर आए हैं l फिर भी संविधान का बारंबार नगाड़ा बजाने वाले कुछ बुद्धि पिशाच हज़म नहीं कर पा रहे इसे l कभी गिद्ध दिखा रहे , कभी अतिक्रमण वाले मंदिर l

काशी में ज्ञानवापी अतिक्रमण नहीं , श्रद्धा है ? मथुरा में श्रीकृष्ण जन्म-भूमि और मस्जिद की दीवार एक है l यह अतिक्रमण नहीं , श्रद्धा है ? अनेक उदाहरण हैं l लेकिन वैचारिक हठ इन तथ्यों को देखने नहीं देता l सत्य , तथ्य और तर्क दिखाने वाले लोग विष-वमन करने वाले बता दिए जाते हैं l विष के कुएं में बैठे हुए लोग अमृत वर्षा करने के ठेकेदार l अजब तमाशा है l ग़ज़ब दोगलापन है। 


*

वही ईश्वर , जो कण-कण में है l नाम आप चाहे जो ले लीजिए l न भी लीजिए तो भी कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता l केदार नाथ सिंह ने लिखा ही है -


तुम ने जहां लिखा है प्यार

वहां लिख दो सड़क

कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता

यहां कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता। 


*


हर पुलिस लाइन में , क्या आज श्रीकृष्ण मंदिर बने हैं ? लखनऊ में पुराने हाईकोर्ट परिसर में ब्रिटिश पीरियड से बड़ा सा मंदिर है। उत्तर प्रदेश विधान सभा , सचिवालय और राजभवन के बीच वाली सड़क पर दोनों तरफ मस्जिद ही है न ! वह भी बड़ी-बड़ी। जिन में दुकानें खुली हुई हैं। मंदिर क्यों नहीं है ? पुराना सही , क्या यह अतिक्रमण नहीं है ? मैं कोई बात तोड़-मरोड़ कर नहीं , तथ्य और तर्क के आलोक में कहता हूं। काशी , अयोध्या , मथुरा की बात बता कर बताया है कि आक्रमणकारी सर्वदा अतिक्रमण करते हैं। रही बात इन दस बरसों की तो योगी राज के उत्तर प्रदेश में तो मेरी जानकारी में धार्मिक अतिक्रमण नहीं हुए हैं। धार्मिक ? अरे बड़े-बड़े माफियाओं के अतिक्रमण ध्वस्त किए गए हैं। यथा अतीक़ अहमद , मुख़्तार अंसारी , विजय मिश्रा , कानपुर का वह दुबे आदि तमाम के अवैध कब्जे , ध्वस्त हो गए हैं। पुराने अतिक्रमण ध्वस्त किए गए हैं। मजारों के भी , मंदिरों के भी। गोरखपुर में भी सड़कों पर कई मंदिर तोड़े गए। और तो और सड़क चौड़ी करने के लिए योगी ने गोरखनाथ मंदिर परिसर की बाउंड्री तक तोड़ कर ज़मीन दे दी है। यह तथ्य है। लफ्फाजी नहीं। प्रायोजित फ़ोटो वाले गिद्ध नहीं। इन गिद्धों को भी प्रणाम करता हूं। क्यों कि त्रेता में इन्हों ने जटायु नाम से मनुष्यता के पक्ष में अपनी उपस्थिति दर्ज की थी , अत्याचारी और अपहरणकर्ता रावण के ख़िलाफ़।


आप की कालोनी बहुत पुरानी है। कम से कम चालीस बरस पुरानी। फिर भी आप को जहां कहीं भी अतिक्रमण लगता है , प्रामाणिक रुप से तथ्य पेश करें। मैं ज़िम्मेदारी लेता हूं , पक्का ध्वस्त हो जाएंगे। मंदिर भी। अगर सरकारी भूमि पर बने हैं। क़ानून अब ऐसा ही है। बस प्रमाण , पुष्ट होने चाहिए। आरोप नहीं , प्रमाण। नहीं रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय के नाम पर भी आज़म खान ने सपा कार्यकाल में जाने कितने किसानों , गरीबों की ज़मीनों पर ज़बरदस्ती कब्ज़ा किया , सारे दोगले सेक्यूलर , आज भी ख़ामोश हैं। जब उस जबरिया कब्ज़े को छुड़ाया गया , ध्वस्त किया गया तो इन दोगले सेक्यूलरों ने दबी जुबान , अत्याचार बताना शुरू कर दिया है। अतिक्रमण , अतिक्रमण होता है , अत्याचारी , अत्यचारी। नया-पुराना नहीं। लेकिन अब तो ऐसे-ऐसे कवि हो गए हैं , जो आक्रमणकारी , बर्बर बाबर में अपना आदर्श खोजते हैं। बाबर जैसा पिता बनना चाहते हैं। ऐसी दोगली लालसा भरी कविता लिखते हैं।


आप के मूल प्रश्न से या किसी के मूल प्रश्न से क्यों कतराऊंगा ? आप कतरा रहे हैं। मैं तो सवालों से टकराने वाला आदमी हूं। भागने वाला नहीं। फिर कहा न , नया मुल्ला प्याज़ बहुत खाता है। आप वही नए मुल्ले हैं। तथ्य और तर्क की रोशनी में बात करने का हामीदार हूं। वैचारिक हठ और पूर्वाग्रह के तहत कोई बात नहीं करता। दिन को दिन कहने का अभ्यस्त हूं। रात को रात। हठ और पूर्वाग्रह के तहत दिन को रात कहने की कुलत नहीं है। बाक़ी दिन को रात कहने के अभ्यस्त हो चले स्वप्निल जी ने आप को मशविरा दे ही दिया है , लुत्फ उठाइए। तो लुत्फ उठाइए। मैं तो भरपूर उठा रहा हूं। मौज में रहिए , टेंशन में नहीं। निजी तौर पर ज्योतिष में शायद यक़ीन न करने वाले स्वप्निल जी ने इस पोस्ट में एक साथ दो काज किए हैं। एक तो इन गिद्धों के मार्फ़त अपने दुःख का इजहार किया है। दूसरे , अपने समानधर्मा दोस्तों का ईगो मसाज भी। कि मुट्ठी ताने , कांख छुपाए सही हम भी अभियान में हैं। पर हम जैसों को लुत्फ उठाने का बहाना भी अनजाने ही दे गए हैं। यह भी गुड है !


*

आलम यह है कि कुछ तो अपनी अतिशय बौद्धिकता प्रमाणित करने के फेर में साइकेट्रिक वार्ड में भर्ती होने लगे हैं। यह मूर्ख नहीं जानते कि यह सारे गिद्ध असल में अयोध्या के राम मंदिर पर बुरी नज़र लगाने वाले कलयुगी रावणों को चोंच मार-मार कर नष्ट करने के लिए इकट्ठा हो रहे हैं।


*

चौदह बरस वनवास के बावजूद राम आजिज नहीं हुए इस अयोध्या से। जिस अयोध्या ने वनवास दिया , लौट कर आए , उस अयोध्या ही। कवि कुंवर नारायण भी इसी अयोध्या के हैं। यतींद्र मिश्र भी यहीं रहते हैं। और भी तमाम लोग। इतना कुछ बदल गया पर स्वप्निल जी की यातना नहीं बदली। हमारा हौसला देखिए कि हम अयोध्या में हैं , ऐसे कह रहे हैं , गोया नरक भोग रहे हों। ध्वनि ऐसी , जैसे कैकेयी राम का पुन: वनवास मांग रही हो। राम का भव्य मंदिर में लौटना , भा नहीं रहा , स्वप्निल जी को। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा , रेलवे स्टेशन , भव्य बस स्टेशन , दुनिया भर से अयोध्या का कनेक्ट होना , अयोध्या का चतुर्दिक विकास सब स्वाहा है , स्वप्निल जी के इस दुःख के आगे। भगवान ऐसा दुःख भी किसी को न दें। किसी कवि को तो हरगिज़ नहीं।


[ एक मित्र की पोस्ट पर विभिन्न मित्रों से वाद-विवाद-संवाद का लुत्फ़।  ]


राम मंदिर और चंपत राय के बहाने कुछ सयाने लोग और उन के निशाने

दयानंद पांडेय 

मोदी वार्ड के मुट्ठी भर मरीज अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण से डायरिया के शिकार हो चले हैं। हजम नहीं हो रहा मंदिर। बस मां-बहन की गाली सीधे-सीध नहीं उच्चार पा रहे हैं क्यों कि राम की आस्था से तो वह भी संलग्न हैं। राम उन के भी भगवान हैं। लेकिन उन की भाव-भंगिमा और शब्दों का भाव बिलकुल यही है। एक मित्र की वाल पर उन की पोस्ट पर मेरा प्रतिवाद और प्रतिवाद में आए अन्य प्रतिवाद पर भी मेरे कुछ प्रतिवाद दर्ज हैं। आप अवलोकन कर सकते हैं और आनंद का भान कर सकते हैं :


*

चंपत का अर्थ हम सभी जानते हैं , आप भी। लेकिन आप की मंशा जानते हुए , चंपत का शाब्दिक अर्थ भी प्रस्तुत है , रेख्ता के मुताबिक़। फिर जिस चंपत राय की आप ताज़पोशी करते हुए करवाना चाहते हैं , चंद लोग चाह कर भी कर नहीं पा रहे हैं। रामसागर शुक्ल जी भी क्षणिक आनंद ले कर ख़ुश हो गए हैं और फिर खामोश ! इसी से अपने प्रश्न की पावनता की पहचान कर लीजिए। फिर भी उस चंपत राय के जीवन के बारे में कुछ सूचनाएं प्रस्तुत हैं , जो कहीं अन्य से साभार प्रस्तुत है। हालां कि यही सब करते-करवाते कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां दफ़्न हो चुकी हैं। आज की तारीख़ में कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां अपनी यह बीमारी छुपाती फिर रही हैं। न्यौता मांग रही हैं। गिड़गिड़ा रही हैं। फिर भी शुभकामनाओं सहित , सूचना ग्रहण करें और अपने आनंद का भी आनंद लें। जानें कि बड़े नसीब से चंपत राय , राम काज के लिए उपस्थित होते हैं। जटायु , शबरी और गिलहरी को याद करते हुए इस चंपत राय को भी याद करेंगे तो और आनंद आएगा। जान लेंगे कि चंपत राय हास्य-व्यंग्य का विषय नहीं हैं। कोलकाता के कोठारी बंधु को लोग इतने बरस बाद भी कैसे याद कर रहे हैं , यह जान लेने में भी नुक़सान नहीं है। [ क्रमशः ]


*

कौन है ये चम्पतराय.?? 🌷⛳

💎⛳🙏

1975 इँदिरा गाँधी द्वारा थोपे आपातकाल के समय बिजनौर के धामपुर स्थित आर एस एम डिग्री कॉलेज में एक युवा प्रोफेसर चंपत राय, बच्चों को फिजिक्स पढ़ा रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार करने वहां पुलिस पहुंची क्योंकि वह संघ से जुड़े थे।

अपने छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय चंपत राय जानते थे कि उनके वहाँ गिरफ्तार होने पर क्या हो सकता है।

पुलिस को भी अनुमान था कि छात्रों का कितना अधिक प्रतिरोध हो सकता है।

⬇️

प्रोफ़ेसर चंपत राय ने पुलिस अधिकारियों से कहा, आप जाइये में बच्चों की क्लास खत्म कर थाने आ जाऊँगा।

पुलिस वाले इस व्यक्ति के शब्दों के वजन को जानते थे अतः वे लौट गए।

क्लास खत्म कर बच्चों को शांति से घर जाने के लिए कह कर प्रोफेसर चंपत राय घर पहुँचे, माता पिता के चरण छू आशीर्वाद लिया और लंबी जेल यात्रा के लिए थाने पहुंच गए।

💎

18 महीने उत्तर प्रदेश की विभिन्न जेलों में बेहद कष्टकारी जीवन व्यतीत कर जब बाहर निकले तो इस दृढ़प्रतिज्ञ युवा के आत्मबल को संघ के सरसंघचालक श्री रज्जू भैया ने पहचाना और श्री राममंदिर की लड़ाई के लिए अयोध्या जी को तैयार करने का जिम्मा उनके कंधों पर डाल दिया।

🕉️

चंपत राय ने अपनी सरकारी नौकरी को लात मार दी और राम काज में जुट गए।

वे अवध के गाँव गाँव गये हर द्वार खटखटाया।

स्थानीय स्तर पर ऐसी युवा फौज खड़ी की जो हर स्थिति से लड़ने को तत्पर थी।

अयोध्या के हर गली कूँचे ने चंपत राय को पहचान लिया और हर गली कूंचे को उन्होंने भी पहचान लिया।

उन्हें अवध का इतिहास, वर्तमान, भूगोल की ऐसी जानकारी हो गई कि उनके साथी उन्हें "अयोध्या की इनसाइक्लोपीडिया" उपनाम से बुलाने लगे।

बाबरी ध्वंस से पूर्व से ही चंपत राय जी ने राम मंदिर पर "डॉक्यूमेंटल एविडेंस" जुटाने प्रारम्भ किये।

लाखों पेज के डॉक्यूमेंट पढ़े और सहेजे, एक एक ग्रंथ पढ़ा और संभाला उनका घर इन कागजातों से भर गया, साथ ही हर जानकारी उंन्हे कंठस्थ भी हो गई।

के. परासरण जी और अन्य साथी वकील जब जन्मभूमि की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतरे तो उन्हें अकाट्य सबूत देने वाले यही व्यक्ति थे।

🙏

6 दिसंबर 1992 को मंच से बड़े बड़े दिग्गज नेता कारसेवकों को अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे थे।

तमाम निर्देश दिए जा रहे थे।

बाबरी ढांचे को नुकसान न पहुचाने की कसमें दी जा रहीं थीं, उस समय चंपत राय जी मंच से कुछ दूर स्थानीय युवाओं के साथ थे।

एक पत्रकार ने चंपत राय से पूछा?

"अब क्या होगा?"

उन्होंने हँस कर उत्तर दिया

"ये राम की वानर सेना है, सीटी की आवाज पर पी टी करने यहां नहीं आयी...

ये जो करने आयी है करके ही जाएगी"

⬇️

इतना कह उन्होंने एक बेलचा अपने हाथ में लिया और बाबरी ढांचे की ओर बढ़ गये, फिर सिर्फ जय श्री राम का नारा गूंजा और... इतिहास रचा गया।

आदरणीय चंपत राय को यूं ही राम मंदिर ट्रस्ट का सचिव नहीं बना दिया गया है।

उन्होंने रामलला के श्रीचरणों में अपना सम्पूर्ण जीवन अर्पित किया है। प्यार से उन्हें लोग "रामलला का पटवारी" भी कहते हैं। यह व्यक्ति सनातन का योद्धा है। कोई मुंह फाड़ बकवास करता कायर नहीं... [ क्रमश : ]

💎

बाबरी ध्वंस के मुकदमों में कल्याण सिंह जी के बाद चंपत राय ने ही अदालत और जनसामान्य दोनों के सामने सदैव खुल कर उस घटना का दायित्व अपने ऊपर लिया है। चम्पत राय जी कह चुके हैं, जैसे ही राममंदिर का शिखर देख लेंगे युवा पीढ़ी को मथुरा की ज़िमेदारी निभाने को प्रेरित करने में जुट जाएंगे"।

🔱

चंपत राय जी धर्म की छोटी से छोटी चीजों का ध्यान रखने वाले तपस्वी और विद्वान हैं।

एक बार वे किसी काम से काशी में किन्हीं के यहां रुके, तब रात्रि में देखा तो पाया कि बैड का डायरेक्शन कुछ ऐसा था कि सोते हुए पैर दक्षिण की तरफ हो जा रहे थे, उन्हें एक रात को भी यह स्वीकार नहीं था, रात में ही उन्होंने बैड का डायरेक्शन ठीक करवाया, तभी सोए।

जो धोती कुर्ता पहनकर भारत का गाँव गाँव नापने वाला व्यक्ति अपने निजी जीवन में हिन्दू जीवनचर्या की छोटी छोटी बातों का हठ के साथ पालन करता है वह श्रीराममंदिर के संदर्भ में किस हद तक विचारशील और जुझारू होगा, समझा जा सकता है।

वास्तव में इनपर उंगली उठाने वाले इनकी पाँव की धूल समान भी नहीं....।


*

उम्मीद है कि चंपत का अर्थ कुछ समझ आ गया होगा। कुछ कसर रह गई हो तो कृपया बताएं , शंका समाधान आगे भी करने का प्रयास करुंगा।


*

आप शायद इन्हीं चंपत राय का आनंद लेने में संलग्न हैं। है न ?


*

आडवाणी या जोशी नहीं बुलाए गए हैं , इस बात को कहने का कोई आधार भी है या मोदी वार्ड की सर्वकालिक बीमारी का प्रदर्शन मात्र है। राम तो सब के हैं पर ख़बरों के मुताबिक़ बुलाया तो ऐसे-ऐसे लोगों को भी गया है जो घोषित रुप से राम के नहीं हैं। राम से दिली नफ़रत है , जिन्हें , उन्हें भी बुला लिया गया है। फिर आडवाणी और जोशी तो राम के लिए सर्वस्व लुटा देने वालों में हैं। अधिकृत ख़बरों के मुताबिक़ आडवाणी , जोशी भी बुलाएं गए हैं। ख़बरें बताती हैं कि आठ हज़ार लोगों को बुलाया गया है। सोनिया गांधी को भी। उस सोनिया , जिन से संसद भवन परिसर में रिपोर्टरों ने पूछा , बुलाया गया है , अयोध्या जाएंगी ? सवाल की नोटिस लिए बिना तेज़ी से निकल गईं। ऐसे जैसे पांव नाबदान में पड़ गया हो। ईश्वर , अल्ला तेरो नाम , सब को सन्मति दे भगवान ! सहिष्णुता की इस से बढ़िया मिसाल सोनिया दे भी नहीं सकती थीं। बाक़ी मोदी वार्ड के मरीजों को क्या कहना , क्या सुनना ! हक़ीम लुकमान के पास भी नो इलाज ! एक से एक सीताराम हैं। 2024 ? अरे बीमारी इसी तरह बढ़ती रही तो 2029 में भी कोई वैक्सीन मिलने के आसार नहीं दिखते। बड़ा मासूम सा यह सवाल भी है कि कौन वाले राय हैं ? जाहिर है , बंगाली नहीं हैं तो भूमिहार भी हो सकते हैं और कायस्थ भी। मोदी वार्ड के मरीजों से आर्थिक मदद ले कर एक शोध पीठ बनवाइए , शोध करवा लीजिए। कुछ तो आराम मिलेगा ही। काम भी।

आमीन !


*

तथ्य और मोदियापा का फ़र्क़ समझ में आता भी है ? चुनौती दे कर कह रहा हूं , एक भी तथ्य ग़लत साबित कर दीजिए। लिखना और सार्वजनिक जीवन छोड़ दूंगा।


*

अपनी बात कहने का अधिकार हर किसी को है। बात तथ्य की , की है। हुज्जत की नहीं। मोदी ने क्या कहा , किस ने क्या सुना , मेरा उस से कोई सरोकार फिलहाल यहां बिलकुल नहीं है। और मैं न मोदी हूं , न मोदी का प्रवक्ता। अपनी बात से मतलब है। मोदियापा के आपत्तिजनक आरोप पर प्रतिवाद किया है। तथ्य से बात करने का हामीदार हूं।


*

फ़िलहाल वाद-विवाद-संवाद जारी है !

Wednesday, 30 August 2023

फ़ेसबुक पर वाद-विवाद-संवाद के ऐसे भी रंग

बताइए कि फ़ेसबुक पर वाद-विवाद-संवाद के ऐसे भी रंग मिलते हैं। कि लोग अपनी ही भूलभुलैया में खो जाते हैं। घेरते-घेरते ख़ुद घिर जाते हैं। जाने-अनजाने अपनी ही कुंडली खोल बैठते हैं। इसी लिए लिखा था कि सच तो यह है कि मेरी आलोचना करते हुए लोग डरते हैं। लेकिन यह जनाब मेरे कहे पर यक़ीन नहीं कर पाए। अभी भी समझ नहीं पाए हैं। ख़ैर , आप मित्र इस वाद-विवाद-संवाद पर गौर कीजिए :


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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan इस पोस्ट पर इस प्रश्न का क्या तुक ? या आप का लीगी तत्व भारी हो गया है आप पर ? गोलवलकर के इस कथन के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। दूसरे , अगर आप ने इस बारे में पढ़ ही रखा है तो मुझ से क्या जानना चाहते हैं ? तीसरे , गोलवलकर का यह कथन आप ने… 
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    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey सर जी Badal Saroj सर की वॉल से
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    • Zafir Khan
      मैं न किसी मुस्लिम लीग से संबंध रखता हूँ न ही किसी पार्टी विशेष से
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan उठल्लू ही निकले आप जैसी कि उम्मीद थी। इस तरह की मूर्खता से बाज आइए। यह मेरी वाल है , आप की कुंठा की चरागाह नहीं। कुछ जानकारी नहीं है तो बंदर की तरह उछलना बंद कीजिए। ऐसी मूर्खता के लिए मेरी वाल नहीं है। न ही इतना अवकाश है।
    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey मैंने सिर्फ प्रश्न किया था आदरणीय आप क्रोधित न होइये, धन्यवाद 🙏
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan क्रोधित क्यों होऊंगा भला ? अगर आप सियार हो कर , शेर की खाल ओढ़ लेंगे तो भी आप को सियार ही कहूंगा , शेर नहीं। तो इस में क्रोध कहां से आ गया ? आप गोलवलकर की किसी कही बात पर अलग से बहस कीजिए। गोलवलकर के लोगों से बात कीजिए। दिक़्क़त क्या है ? आप अभ… 
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    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey जी सिर्फ जानकारी चाहता था मेरा इरादा आपको ठेस पहुंचाने का नहीं था और ये बंच ऑफ थौट से लिया गया है ये सही है या गलत बस यही जानना चाहता था
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan मुझ से क्यों जानना चाहते हैं भला ? क्या मैं गोलवलकर पर अथॉरिटी हूं ? इस प्रश्न को ले कर किसी संघ के आदमी से जानकारी लीजिए। जानता हूं कि आप आइसा या पैगंबर के बाबत कुछ बात करुं तो अनुचित होगा। जानता हूं कि आप इस बाबत अथॉरिटी नहीं हैं। अलग बात  
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      May be an image of 1 person, henna, smiling and wedding
    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey जी आपको कैसे पता चला कि मैंने बेटी की उम्र की लड़की से निकाह किया है
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    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey जी मैंने सिर्फ प्रश्न पूंछा था न कि आपकी भावनाओ को ठेस पहुंचाने का मेरा कोई इरादा था पर आप तो व्यक्तिगत प्रश्न कर रहे हैं
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    • Zafir Khan
      क्या आपके पास मेरी बीबी का बर्थ सर्टिफिकेट है अगर है तो दिखाइये मुझे भी तो पता चले कि मेरी बीबी की आयु कितनी है
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    • Soban Singh Bisht
      कमाल है अब सपने में भी संघ आने लगा तुम सबके...
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan क्या मुस्लिम लीगियों की तरह बार-बार मेरी भावना-भावना की रट लगा रखी है। मेरी भावना किसी गोलवलकर के साथ नहीं , मनुष्यता के साथ संलग्न है। आप की तरह अमानुषिक नहीं हूं। शर्म नहीं आती बेटी की उम्र की लड़की से निकाह कर के ? यह निजी नहीं , सामाजिक प… 
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    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey जी यही तो मैं जानना चाहता हूँ कि मेरी बीबी की जन्म तारीख क्या है, और रही बात मुस्लिम लीग की तो मैं किसी लीग से ताल्लूक नहीं रखता
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan जानता हूं , अभी ब्लाक कर के मिमियाते हुए भाग जाएंगे। लेकिन किसी प्रश्न का माकूल जवाब नहीं दे सकेंगे। क्यों कि कट्टर लीगी न होते तो बेटी की उम्र की लड़की से शादी न करते। जन्म तिथि तो आप ही जानिए। फोटो बता रही है कि आप से आधी उम्र से भी कम की ह… 
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    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey जी क्या कोई फोटो देखकर किसी की उम्र का अंदाजा लगा सकता है? ये प्रतिभा मुझ में तो नहीं और रही बात उम्र की तो मेरी उम्र 40 है मेरी बीबी की 35 और कुछ जानना चाहते हैं
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    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey चेहरे पर मेकअप द्वारा उम्र छुप भी जाती है
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan क्यों झूठ पर झूठ बोले जा रहे हैं। खैर , जन्म-तिथि पूछी है आप की और उस बिचारी कम उम्र लड़की की। सर्टिफिकेट या आधार कार्ड ही प्रस्तुत कर दें , दोनों की। फोटो में तो आधी उम्र की लग रही है। फिर सवाल यह है कि मर्द की 40 और स्त्री की 35 की उम्र शाद… 
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan आंख रखता हूं , जनाबे आली ! और अनुभव भी। मेकअप से उम्र आधी नहीं हो सकती।
    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey कारण यही है कि मैं शादी नहीं करना चाहता था पर माँ मेरी शादी की रट लगाए रहती थी तो मुझे उसकी जिद की बजह से मुझे शादी करनी पड़ी, रही बात आधार कार्ड की तो पिछोर आइये या पिछोर में कोई आपका परिचित हो या कैसे भी आप परिचय निकाल सकें तो स्वयं कोशिश कीजिये
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    • Zafir Khan
      एक बात और अभी अभी रणवीर कपूर और आलिया भट्ट की शादी हुई है जिनकी उम्र 39 और 25 है
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    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey आँखों देखी कभी कभी सत्य नहीं होती आदरणीय
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    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey एक बात और आदरणीय मुझे चार दिन पूर्व ही पता चला है कि मेरी बीबी गंभीर बीमारी का शिकार है जिसे मैं यहाँ नहीं बता सकता मेरे साथ छल हुआ भी हुआ है
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan फोटो दिखा सकते हैं , आधार या सर्टिफिकेट क्यों नहीं ? दिखा दीजिए। परिचित कोई नहीं है उधर। आप ही हो गए हैं अब। फिर आप के सिवाय कोई और कैसे यह उपलब्ध करवा सकता है आप का आधार , या आप की बेगम का आधार। ज़ाहिर है दाल में काला है। पिछोर आने-जाने ,… 
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan हे राम !
      बीमारी न सही , आधार तो दिखा ही सकते हैं। फिर उम्र में आधी ही सही , अब वह आप की हमसफ़र है। सो उस का इलाज करवाना आप का फ़र्ज़ बनता है।
    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey आपको आधार में दिलचष्पी है तो सुनिये म प्र में चुनाव है तो वोटर लिस्ट में नाम बड़बना था मैंने एक महीने पहले ही कह दिया था की अपना आधार साथ लाना पर मेरे कहने पर भी वो आधार नहीं लाई मुझे गोल गोल उत्तर देती रहीं अभी कुछ दिन पूर्ब भी मैंने आ… 
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan वह फ़िल्मी लोग हैं , आप मुस्लिम लीगी ठहरे। दोनों ही में सब चलता है। अच्छा रणवीर और आलिया तो कई घाट का पानी पी कर शादी किए हैं। आप ने कितने घाट का पानी पिया ? फिर उन की उम्र में भी ज़्यादा फ़ासला नहीं है। जैसे कि 44 के दिलीप कुमार ने 22 की सायरा… 
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    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey जी जरूर आदरणीय कोशिश कर रहा हूँ पर उम्र में आधी नहीं है उम्र जो मैंने बताई है बही है ये भी मुझे मेरे रिश्तेदार ने बताया था
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    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey जी और भी सुन लीजिये वो मुझसे छिपाकर दवाई भी खाती थी ये भी चार दिन पूर्ब ही पता चला
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan तो विश्वास का भी संकट भी इतना ज़्यादा है। बुढ़ापे में बेटी की उम्र की लड़की से शादी करने का यही परिणाम होता है। बाक़ी डायमेंशंस का भी फिर ध्यान रखिएगा। मतलब चौकीदारी भी करते रहिएगा। बहरहाल आप का अपना आधार तो होगा ही। वही प्रस्तुत कीजिए न !
    • Zafir Khan
      आधार कार्ड सारबजनिक नहीं कर सकता ये मेरी निज़ता का हनन है मेरे गृह नगर आइये मेरे बारे में जानना है तो, धन्यबाद 🙏
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan मेसेंजर में भेजिए। वैसे आधार का कोई दुरूपयोग नहीं कर सकता। क्यों कि बिना ओ टी पी के कोई कुछ नहीं कर सकता।
    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey इसके लिए मैं आपसे क्षमा चाहता हूँ मैं नहीं भेज सकता हाँ जो मेरे सहपाठी रहे हैं उनसे आप पूँछ सकते हैं आप कहें तो मैं किसी को यहाँ मेंशन कर सकता हूँ
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    • Vivek Raje
      Dayanand Pandey पांडे जी बच्चे की बहुत ले ली
      अब छोड़ भी दीजिए ना
      अब समझदार होगा तो भूल कर भी कभी न किसी से अरझे गा
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    • Zafir Khan
      Vivek Raje इसमें उलझने जैसा क्या है और क्या ले ली आप बीच में कहाँ से आ गए
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    • Vivek Raje
      Zafir Khan ब्रो मजे ले ली
      ये सोशल मीडिया प्लेटफार्म hai सब लोग देख पढ़ रहे होंगे
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    • Zafir Khan
      Vivek Raje पड़ने दो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan आप अगर आधार कार्ड भेजेंगे तो आप की कलई , आप का झूठ खुल जाएगा , यह बात आप जानते हैं। सो इधर-उधर की बातों में खुद उलझे हुए हैं। सोचिए कि एक झूठ , कितने झूठ बुलवाता है। ख़ैर , चलिए बाकी सब तो ठीक है। आप ने बताया कि आप शादी नहीं करना चाहते थे लेक… 
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    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey मैंने जो बताया वो सच बताया और इससे अधिक बताने के लिए मैं आपका बाध्य नहीं हूँ श्रीमान
    • Zafir Khan
      आप लेखक हैं लेखक ही रहिए डॉ. बनने की कोशिश न कीजिये मुझे जो बेहतर समझ आयेगा मैं स्वयं उसका चुनाव कर लूँगा
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      Dayanand Pandey
      Zafir Khan डाक्टर बन भी नहीं सकता। डाक्टर मित्रों से तजबीज की बात की है।
    • Zafir Khan
      Dayanand Pandey मैं स्वयं तजबीज कर लूँगा , शुक्रिया
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