Thursday, 21 January 2016

मीरा का एकतारा बजता रहता है और मन मोहन हो जाता है

 
अभिनेत्री असीमा भट्ट

ग़ज़ल 

कृष्ण की बांसुरी बजती है जैसे राधा का मन वहीं खो जाता है 
मीरा का एकतारा बजता रहता है और मन मोहन हो जाता है 

जब बहुत बरसात होती है तो सूरज बादलों में जैसे खो जाता है 
प्यार में जो जिरह बहुत करते रहते हैं उन का प्यार खो जाता है 

प्यार मीरा का हो या राधा का रंग जैसा भी हो मौसम कोई भी
धुन उस की जुदा-जुदा सही गाते-गाते वह मस्त कबीर हो जाता है 

रोके रुकता नहीं है कोई भी नहीं तुम भी कभी कहां रूकती हो
रात कितनी जालिम हो या लंबी सूर्य उगते ही अंधेरा खो जाता है

तुम हरदम कहती रहती हो इतना ज़्यादा मुझ को सोचा मत करो
सोचता कहां हूं तुम को मैं तो जीता हूं मन में उजियारा हो जाता है 
 
सर्दी कहीं भी एक जैसी नहीं होती शिमला और शिलांग की भी नहीं 
संस्कृतियां बदल जाती हैं बोली और अंदाज़ भी भूगोल दो हो जाता है

सर्दी तो बेनाम इश्क है कभी शिलांग कभी शिमला के नाम हो जाता है
होटल वही घोड़े वही अंदाज़ भी कभी मसूरी कभी नैनीताल हो जाता है

रॉकेट साईंस या पैसे के गणित में जीने वाले अभिनेताओं के क्या कहने
प्यार किसी फ़िल्म का अभिनय होता नहीं है वह तो होता है तो हो जाता है 


[ 22 जनवरी , 2016 ]

4 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (23-01-2016) को "विषाद की छाया में" (चर्चा अंक-2230) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. मोहब्बत अब तिजारत बन गई है ।
    seetamni. blogspot. in

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  3. बहुत सुन्दर गजल ।

    आपके ब्लॉग को यहाँ शामिल किया गया है ।
    ब्लॉग"दीप"

    यहाँ भी पधारें-
    तेजाब हमले के पीड़िता की व्यथा-
    "कैसा तेरा प्यार था"

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  4. वाह वाह
    सर्दी तो बेनाम इश्क है कभी शिलांग कभी शिमला के नाम हो जाता है
    होटल वही घोड़े वही अंदाज़ भी कभी मसूरी कभी नैनीताल हो जाता है

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