दयानंद पांडेय
न श्रीलंका, न नेपाल, न बांग्लादेश, न एस आई आर , फेस आई आर , ज्ञानेश, फ़्यानेश, नीट फीट , काकरोच, फ़ाकरोच, रिजीम, फ़िजीम आदि - इत्यादि, सब कुछ से निराश और हताश हो कर धतूरा खा कर नाचते जमूरा टाइप हरामखोर लेखक, पत्रकार लोग सोशल मीडिया पर फिर से अपेस्टीन फ़ाइल पर लौट आए हैं l
अब की अपेस्टीन फ़ाइल का हौवा ही नहीं मेज़ के सामने बैठे पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी की फ़ोटो भी एपेस्टीन के साथ लाई गई है l क्या तो अमरीका ने ट्रेड डील के लिए ब्लैकमेल के लिए यह फ़ोटो रिलीज़ की है कि मोदी अब तो झुक जा ! घुटने टेक जा !
राहुल गांधी और उस के यह चंपू लेखक, पत्रकार , भक्त टाइप के चमचे और जमूरे इतने भोले-भाले हैं कि यह भी नहीं समझ पाते कि अगर कोई दिलचस्प फोटो है , अय्याशी की किसी भी के साथ की , फ़ोटो जारी होते ही मोदी सरकार बंगाल की खाड़ी में बह जाएगी l नामो निशान नहीं मिलेगा l खोजे नहीं मिलेगा l रिजीम चेंज और दंगे फ़साद के बिना तख्ता पलट !
इतना लंबा रास्ता क्यों नापेगा ट्रंप ?
नो सोरोस फोरोस ! सीधे फ़ोटो जारी कर शूट कर के मोदी को स्वाहा कर देगा l फिर यह धतूरे हवा बनने के लिए मारे डर के ए आई फ़ोटो भी नहीं जारी कर पा रहे l क्यों कि लंबी चक्की घिसिंग पीसिंग में घुसेड़ दिए जाएंगे l
अवसाद बहुत गहरा है l नो इलाज, नो दवा !
No comments:
Post a Comment