दयानंद पांडेय
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने एम एल सी चुनाव में आए परिणाम पर कांग्रेस को चिकोटी काटी है l लेकिन मोदी को ख़ुद भी चिकोटी काट कर ख़ुद से ही पूछ कर अपनी और भाजपा की पड़ताल कर लेनी चाहिए l यह कि उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में या और भी जगह यू जी सी और दलित एक्ट ने , जिस को अब मोदी एक्ट भी कहा जाने लगा है , कितना घायल किया है , भाजपा और उस के उम्मीदवारों को l
कि गुंडई , भ्रष्टाचार और मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए परिचित टोटी-टाइल फेम अखिलेश यादव और उन की सपा की तरफ़ मुड़ गए हैं l इतना कि अखिलेश यादव के काले कारनामों और माफिया टाइप यादव और मुस्लिम राज को भूलने के लिए विवश हो गए हैं l फिर अभी तो यह ट्रेलर है l विधान सभा चुनाव में यह यू जी सी और मोदी एक्ट क्या-क्या गुल खिलाएगा , देखना दिलचस्प रहेगा l
अपने कोर वोटर को नाराज कर मोदी ने बनारस , गोरखपुर , लखनऊ में बढ़िया आनंद लिया है l इस आनंद के पड़ाव अभी और भी हैं l निर्वीर्य काकरोचों के आगे घुटने टेकने वाले मोदी को जान लेना चाहिए कि वोटरों , ख़ास कर कोर वोटर के साथ डिप्लोमेसी का दांव नहीं चलना चाहिए l टेकेन ग्रांटेड तो हरगिज़ नहीं l लेकिन इतना कुछ गुज़र जाने के बाद भी मोदी सरकार और भाजपा , होश में कहां है ?
बनारस में जैसे वरुणा नदी को गंदा नाला बना रखा है , अपने कोर वोटर को भी वरुणा की तरह गंदा नाला बना कर , उस पर निरंतर थूकने की बीमार पाल ली है l जो कैंसर से भी ज़्यादा ख़तरनाक हो चली है l बनारस , गोरखपुर , लखनऊ समेत समूची यू पी, अभी हज़ार धक्के और दो ! ऐसा काटो और जड़ों में मट्ठा डालो, जैसे चाणक्य ने घनानंद की सत्ता की जड़ों में डाला था l नष्ट कर दो ! मोदी की सत्ता की जड़ों में मट्ठा की पहली किश्त है यह l
फ़िकर नाट !
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