Sunday, 26 July 2026

कटी पतंग की कैफ़ियत

दयानंद पांडेय

मोदी सरकार की एक बड़ी ख़ासियत यह है कि वह लोकतांत्रिक होने की बिना पर अपने विरोधियों को उछल कूद करने की पूरी छूट देती है l यहाँ तक कि हिंसा आदि की भी l भरपेट l उग्रता की हद तक l पुलिस पीटने के बजाय, पिटने लगती है l

इतनी कि भाजपा और मोदी समर्थक भी बौखला कर मोदी को गरियाने लगते हैं l मोदी की ऐसी-तैसी कर देते हैं l मोदी की इस उदारता और सदाशयता की बैंड बजा देते हैं l

फिर अचानक यही मोदी सरकार किसी अजगर की तरह सारे रंग बिरंगे सापों को बहुत आहिस्ता से क़ानूनी आलिंगन में अनायास लपेट लेती है l कस कर जकड़ लेती है l पागल बना देती है l इतना कि उन का सांस लेना दूभर हो जाता है l लाश बना कर छोड़ देती है l बधिया बना देती है l कश्मीर से लगायत दिल्ली , ग़ाज़ियाबाद और अयोध्या आदि तक का यही सिलसिला है l

ट्रंप, चीन , पाकिस्तान, बंग्लादेश , मीडिया आदि हर कहीं आप इस बधिया बनाओ नीति का अवलोकन कर सकते हैं l हमारे लखनऊ, गोरखपुर में इसे ढील दे कर पतंग काटने की बात कही जाती है l प्याज और जूते का नैरेटिव भी इस में चाहें तो जोड़ सकते हैं l राहुल गांधी की मनोदशा और उन की बयान बहादुरी की शेख़ी भी l

मोदी की यह निराली अदा है l

दिल्ली में काकरोच जनता पार्टी , सोनम वांगचुक और इस बहाने अनेक रंग बिरंगे साँप मोदी सरकार के हाथ लग गए हैं l अब कटी पतंगों को उड़ते और गिरते हुए देखने का लुत्फ उठाने का समय आ गया है l

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