दयानंद पांडेय
जंतर मंतर का एक संदेश यह भी है कि यू जी सी से नाराज लोग धर्मेंद्र प्रधान के पक्ष में किसी सूरत खड़े नहीं हो सकते थे l सो एक चुप , हज़ार चुप l भले कमान नरेंद्र मोदी के हाथ में है पर विश्वनाथ प्रताप सिंह और अर्जुन सिंह के बाद सवर्ण छात्रों का सर्वाधिक नुक़सान धर्मेंद्र प्रधान ने किया है l सो जातीय नफ़रत का दुर्ग उन्हें सार्वजनिक रूप से ले डूबा l
दलित , ओ बी सी वोट के चक्कर में मोदी से लगायत लगभग समूची भाजपा चुप रही l सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से कुछ पानी पड़ा ज़रूर पर ग़ुस्सा नहीं गया l नहीं जाएगा l दलित मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला पलटना भी ग़ुस्से का सबब है l पर यू जी सी इस से बड़ा है l बच्चों का भविष्य कोई अभिभावक नहीं बर्बाद करना चाहता l आरक्षण वैसे ही गले की फांस बना हुआ है l कोई कितना और कब तक सहे l
काकरोच मूवमेंट इसी लिए भस्मासुर बन गया l जंतर मंतर पर मोदी को अभद्र और अश्लील गालियां देने वाली ज़्यादातर ओ बी सी , दलित और मुस्लिम स्त्रियां , लड़कियां इसी लिए बेलगाम हो गईं l कि उन्हें कोई अब काऊंटर नहीं कर सकता l ब्रेक नहीं लगा सकता l यू जी सी से सताए हुए लोग , अब भी चुप हैं l मोदी और भाजपा का कोर वोटर यही है l है अभी भी भाजपा और मोदी के साथ लेकिन उन के लिए युद्धरत नहीं है l नहीं रहेगा l टेकेन फार ग्रांटेड मान लिया गया है इन्हें l राहुल देव जैसे तमाम फ्रस्ट्रेटेड लोग इन गालियों के पक्ष में खुल कर खड़े हो गए हैं l जे एन यू कैंपस की गालियां वाया जंतर मंतर अब रील बन कर देश के कैनवस पर छा गई हैं l वाम ब्रिगेड के लेखकों और पत्रकारों ने इन गालियों पर खुल कर सहमति दे दी है l ऐसे जैसे हरी झंडी l अभी माहौल और बदलेगा , और बिगड़ेगा l संस्कृत के एक श्लोक से लवणेन भोज्यम का अनर्थ मोदी के मुँह में डाल कर परोसा जा रहा है l
ग़लत सही , सब कुछ जानते हुए भी सब लोग चुप हैं l चुप रहेंगे l कूटनीति और कुटिलता से वोट बैंक नहीं संभलता l कोर वोटर भी भागने लगता है l भाजपा और मोदी जब तक इस तथ्य से परिचित नहीं होते , मुश्किल थमने वाली नहीं l गणेश का सिर काटना आसान है , उस की जगह हाथी का सिर लगाने के लिए शिव बनना पड़ता है l शिव का वह चातुर्य भाजपा और मोदी के यहाँ फ़िलहाल अनुपस्थित है l आरक्षण के ख़िलाफ़ भी मूवमेंट की सुगबुगाहट है l पर सारी सरकार परिसीमन के खेल में न्यस्त और व्यस्त है l परिसीमन ज़रूरी है पर इन मुश्किलों से भी आँख मूँद लेना किसी भी सरकार के लिए शुभ नहीं है l अहिंसक और देश प्रेमी लोगों को मुसलसल उपेक्षित करते रहना भी देश के लिए अशुभ है l
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