दयानंद पांडेय
निरंतर झूठ बोलने के अभ्यस्त राहुल गांधी कल की प्रेस कांफ्रेंस में बहुत से झूठ के साथ एक बहुत ही शातिर सा झूठ भी बोल गए l हंसते हुए बोले कि पुलिस वाले मुझे घसीट कर भले ले गए , पंच मारा, पर कान में कह रहे थे कि आप इस सरकार को हटा दीजिए l एक नहीं कई पुलिस कर्मी l कोई हरियाणा का , कोई कहीं का l सचमुच अगर वह पुलिस कर्मी इस सरकार को हटाने के इच्छुक थे तो उन के लिए बहुत आसान था कि कल की खींचा तानी में राहुल गांधी को गोली मार देते l जैसे कभी इंदिरा गांधी को उन के घर में ही मार दिया था l जैसे श्रीलंका में राजीव गांधी को एक सैनिक ने बंदूक की बट से मारा था l कहा था कि झाड़ू भी हाथ में होता तो भी मार देता l बिना किसी इफ बट और बिना किसी देरी के मोदी सरकार का इस्तीफ़ा हो जाता l राहुल गांधी शहीद हो जाते l कांग्रेस के पक्ष में देश में तूफ़ान आ जाता l जनता मोदी को मारने के लिए दौड़ा लेती l बिल्कुल श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल की तरह l जैसी की राहुल गांधी की इच्छा भी है l मनोकामना भी l
बहरहाल, राहुल के इस शातिर झूठ की तस्दीक़ में किसी पुलिस वाले की राहुल के कान में कुछ बोलते हुए कोई वीडियो , फ़ोटो मैं ने तो नहीं देखी l किसी ने देखी हो तो बताए भी l
सच यह है कि राहुल गांधी का संसदीय राजनीति और संसदीय गरिमा से कोई परिचय नहीं है l हंगामा खड़ा करना ही उन का मक़सद है l संसद हो या संसद से बाहर l देश हो या परदेस l संसद चलती है तो वह टपोरियों की तरह संसद के बाहर चमचों के साथ सीढ़ियों पर बैठे चाय पीते रहते हैं l संसद में कभी जाते हैं तो लोगों को अराजकता के लिए उकसाते रहते हैं l नियम से विपरीत उल्टी सीधी बात करते हैं l अपना मज़ाक उड़वाते रहते हैं l जेन जी की हिंसा से उन्हें बहुत उम्मीदें हैं l संसदीय चुनाव से नहीं l राहुल अपने सामंती आचरण में हर किसी को अपना ग़ुलाम मानते हैं l सत्ता पक्ष हो , विपक्ष हो , कोई संस्था हो , हर किसी को बंधुआ बना कर रखने की उन की ख़्वाहिश उन्हें कहां से कहां बहा ले गई है , उन्हें पता ही नहीं l कल उन्हें सड़क पर पुलिस ने घसीटा है , बहुत जल्दी संसद में उन्हें संसद का मार्शल घसीटेगा l सत्ता से दूर रख कर जनता घसीट ही रही है l
पप्पू से घसीटा राम होने में बहुत देरी नहीं है l अब तक के भारतीय संसदीय इतिहास में ऐसा अपमानित और अराजक नेता प्रतिपक्ष कोई एक दूसरा नहीं देखा l ब्रिटिश राज में भी नहीं l कि पुलिस को घसीटना पड़े l पुलिस आई तो गांधी हों , नेहरू हों या कोई और सब ने अपनी गरिमा बनाए रखी l पुलिस के साथ शांति से चल पड़े l इमरजेंसी में भी सभी बड़े नेता गरिमा पूर्वक चल दिए l बाद में जनता राज में इंदिरा गांधी भी l रथ यात्रा में आडवाणी भी शांति से पुलिस के साथ चल दिए l बाद के दिनों में अराजक लालू भी बारंबार l अभी ही अपनी यादवी लंठई के लिए परिचित ऐ पुलिस ! बोलने वाले अखिलेश यादव भी बस में बैठ कर हंसते हुए पूछ रहे थे कि पुलिस भाई कहां ले जा रहे हो ! क़ायदे के अपराधी भी अब पुलिस से रगड़ा-रगड़ी नहीं करते l चुपचाप पुलिस के साथ चल देते हैं l
लेकिन अराजक और हिंसक राहुल गांधी ?
लगता है कभी कोई पंच नहीं खाया l खाया होता पुलिस का पंच तो उठ कर खड़े होने लायक़ नहीं रहते l झूठ पर झूठ बोलने लायक़ बिल्कुल नहीं l छीना झपटी में नाक रगड़ खा कर लाल हो गई तो चमचे नाक से बहता ख़ून दिखाने लगे l मुझे तो पट्ठे के मार्शल आर्ट पर भी संदेह होता है l
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