Thursday, 14 May 2026

अटल वाली कटहल की खेती और ममता

दयानंद पांडेय 

कल का चुनाव परिणाम चाहे जो हो l पर अटल बिहारी वाजपेयी बहुत याद आएंगे l भाजपा में तो वह मुख्य मंत्री और मंत्री बनाते बिगाड़ते रहे थे l जैसे नरेंद्र मोदी को भी गुजरात में मुख्य मंत्री अटल जी ने ही बनाया था l लेकिन अटल जी भाजपा को आगे बढ़ाने के लिए भाजपा से इतर भी लोगों को मुख्य मंत्री या मंत्री बनाते रहे l क़ुर्बानी दे कर भी l दबी ज़ुबान भाजपा में तब हर बार अटल जी का विरोध भी ख़ूब हुआ l पर अटल जी अपनी दूर दृष्टि से डिगे नहीं l 

तीन लोग ऐसे थे जो भाजपा में नहीं थे पर बारी-बारी उन्हें भाजपा के सहयोग से मुख्य मंत्री बनाया l और वह तीनों भाजपा के लिए खाद बन कर काम आए l भाजपा को फूलने फलने में अनायास मदद कर बैठे l हाला कि तब के समय विधान सभाओं में संख्या बल में भाजपा बड़ी थी बावजूद इस के l जैसे मायावती और नीतीश कुमार को मुख्य मंत्री बनवाया l ममता बनर्जी को पहले केंद्र में मंत्री बनाया l कांग्रेस को कमजोर किया l फिर पश्चिम बंगाल का मुख्य मंत्री बनवाया l वाया नंदीग्राम और सिंगूर l 

पश्चिम बंगाल में वामपंथियों का काँटा भाजपा कभी सीधे नहीं निकाल सकती थी l वामपंथियों की सशस्त्र क्रांति और गोली बंदूक का जवाब भाजपा कभी नहीं दे सकती थी l भाजपा के लोग संघ में सीखी लाठियां भांजने से अधिक कुछ कर नहीं सकते थे l तो वामपंथियों की बेहूदगी और गुंडई का काँटा निकालने के लिए अटल जी ने ममता बनर्जी नाम का कांटा तैयार किया l परिणाम देखिए कि वामपंथी पश्चिम बंगाल में अब गूलर के फूल बन चुके हैं l अलग बात है कि ममता बनर्जी ख़ुद आहिस्ता आहिस्ता भस्मासुर बन गईं l 

लेकिन अब ? 

भस्मासुर अब भस्म होने को तैयार बैठी है l नीतीश कुमार , अब ख़बर से भी बाहर हैं l मायावती राजनीति के हाशिए से भी बाहर हैं l भाजपा का सूर्योदय अगर आज भाजपाइयों को उत्तर प्रदेश , बिहार में दिख रहा हो तो भाजपाइयों को अटल जी को प्रणाम करना चाहिए l जातिवादी बिहार में भाजपा का मुख्य मंत्री आसान तो नहीं था l ऐसे ही कल की सुबह अगर पश्चिम बंगाल में भी भाजपा का सूर्योदय होता दिखे तो एक बार फिर भाजपाइयों को अटल जी को प्रणाम करना चाहिए l अटल जी ने ममता के कांटे से वाम का लाल क़िला तोड़ दिया था l अब ममता की खाद , भाजपा की फसल को लहलहाने वाली है l देखते जाइए l मोदी का धैर्य भी बहुत महत्वपूर्ण है l ममता नाम की भस्मासुर को अपने ही सिर पर हाथ रखवा कर नचाना आसान तो नहीं था l 

बहुतेरे लोग अकसर कहा करते थे कि पश्चिम बंगाल में बिना राष्ट्रपति शासन लगाए निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते l लेकिन नरेंद्र मोदी ने बिना राष्ट्रपति शासन की बदनामी सिर लिए , पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष चुनाव करवा कर दिखा दिया है l वह कहते हैं न कि आप अपनी माँ को माँ कहिए या पिता की पत्नी बात एक ही है l ग़लत कुछ भी नहीं l तथ्य है यह l 

पर कहने सुनने में माँ कहना ही अच्छा लगता है l पिता की पत्नी , गाली और अपमानजनक लगता है l सो मोदी ने बिना राष्ट्रपति शासन लगाए पश्चिम बंगाल में वह सब कर दिया है जो राष्ट्रपति शासन लगा कर भी नहीं किया जा सकता था l बदनामी का दाग अलग लगता l केंद्रीय सुरक्षा बलों के मार्फ़त ममता बनर्जी की गुंडई को जिस ख़ूबी से काबू किया है मोदी ने कि ममता भी लाजवाब हो गई हैं l उन की सारी उछल कूद मंकी एफ़र्ट में तब्दील हो गई है l 

अब 4 मई के परिणाम की प्रतीक्षा कीजिए l अटल जी की राजनीतिक खेती करने की विधि का आनंद लीजिए l और जानिए कि राजनीति कटहल की खेती है l पपीता छ महीने में फल देने लगता है पर छ महीने बाद ख़त्म हो जाता है l देखिए न मायावती को l पपीता बन कर रह गई हैं l पर कटहल बहुत साल बाद फल देता है l देता है तो बरसो बरस देता है l पीढ़ियां खाती हैं l 

राजनीति की खेती में भी खाद पानी की बहुत ज़रूरत होती है l समय से खाद पानी देते रहिए तो अटल बिहारी जैसे कटहल लगाने वाले युगों तक याद आते रहते हैं l इस की तपिश में झुलस कर राहुल गांधी जैसे लोग झुनझुना बन जाते हैं l जो चाहता है झुनझुना बजा कर चल देता है l यही वह तपिश है जो घुंघरू बांध कर आदमी को अरविंद केजरीवाल बना देती है l 

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